सोमवार, 13 अक्तूबर 2008

बनिए महफिल की शान


महफिल पर छा जाने की खूबी मंच को जीत लेने की खूबी क्या आपमें है? इसके लिए आपमें मंच पर बोलने की क्षमता होना चाहिए. ज्यादातर लोग स्टेज पर बोलने से घबराते हैं. ये खूबी हर किसी मे नही होती. लेकिन यदि ये खूबी आपमें हैं तो आप पूरी महफिल मे अपना रंग जमा सकते हैं. अच्छा वक्ता बनने के लिए सबसे पहले जरूरी है अच्छा श्रोता होना. निम्न कुछ बातें हैं जिन पर अमल कर आप भी बन सकते हैं मंजे हुए वक्ता :-

1. सबसे पहले अपने सामान्य ज्ञान यानि जनरल नॉलेज को बढ़ाएँ. इसके लिए आप न्यूज पेपर पढ़े,न्युज चैनल देखें व अपने आँख व कान खुले रखे. आपको पता होना चाहिए कि देश व दुनिया मे क्या घटित हो रहा है.


2. दूसरा आपकी भाषा पर अच्छी पकड़ होना आवश्यक है. आपका उच्चारण साफ व सही होना चाहिए.साथ ही अच्छे शब्दों का प्रयोग करना भी प्रभावकारी होता हैं.

3. इसके अलावा आपको जिस भी विषय पर बोलना है उसकी पूर्ण जानकारी होना चाहिए. आपको उस विषय के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं की जानकारी होना भी आवश्यक है ताकि आप हर तरह से बोल पाने मे सक्षम हों.


4. आपका बोलने का ढंग व आपके हाव भाव प्रभाव शाली होना चाहिए. क्योकी यदि आपका बोलने का ढंग असरकारक नही हैं तो आपकी जानकारी कितनी भी हो आप सही तरीके से अपनी बात नही पहुँचा पायेंगे.



5. जब भी आपको मंच पर बोलना हो घर पर आईने के सामने खड़े होकर बोलने का अभ्यास करें. इससे आपको आपकी कमजोरियों का पता चलेगा व आत्माविश्वास भी आएगा.


6. विषय को रटना नही चाहिए. ऐसा करने से आपकी प्रस्तुति खराब हो सकती हैं. हमेशा विषय को समझकर बोले.


7. यदि आपको बोलने के लिए समय सीमा दी गई है तो उसका विशेष ध्यान रखें. क्योकी समय सीमा मे बोलने के लिए विषय को क्रम से रखना आवश्यक है. याद रखे सबसे महत्वपूर्ण बात पहले रखी जाएँ.


8. आपका पहनावा भी ठीक होना चाहिए. बहुत भड़काऊ वस्त्र पहनने से बचना चाहिए. साधारण वस्त्र पहने जो समय व परिस्थितियों के अनुरूप हो.


9. बोलते समय दर्शकों की ओर देखें नजरें नीची करके या घबराकर कही गई बात का असर नही होता.

10. कुल मिलकर आपमें भरपूर आत्मविश्वास होना चाहिए.


11. तो इन बातों पर अमल कीजिए और बन जाइए महफिल की शान. आप भी सबके चहेते होंगे और आपकी बोली के लोग कायल होंगे. यकीन नहीं तो आजमा कर देख लीजिए.मेरा विश्वास है कि आपको निराशा हाथ नही लगेंगी.

प्रेषक
मोनिका दुबे( भट्ट)

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